अहं नागोव सङ्गामे, चापतो पतितं सरं।
अतिवाक्यं तितिक्खिस्सं, दुस्सीलो हि बहुज्जनो॥
जैसे युद्ध में हाथी अपने शरीर पर गिरते वाणों को सहता है, वैसे ही मैं कटूक्तियों/ कटु वचनों को सहता हूँ, क्योंकि प्रायः लोग दुःशील होते हैं।
I — like an elephant in battle,
enduring an arrow shot from a bow —
will endure a false accusation,
for the mass of people
have no principles.
दन्तं नयन्ति समितिं, दन्तं राजाभिरूहति।
दन्तो सेट्ठो मनुस्सेसु, योतिवाक्यं तितिक्खति॥
(जिसकी कुप्रवृत्तियों का दमन किया गया है) ऐसे सुप्रशिक्षित हाथी को ही युद्ध में ले जाया जाता है, ऐसे हाथी की सवारी राजा करते हैं। मनुष्यों में भी वही श्रेष्ठ है जो अपने पर नियंत्रण रखते हैं, जो लोगों के कटु वचनों को सहन करते हैं।
The tamed is the one
they take into assemblies.
The tamed is the one
the king mounts.
The tamed who endures
a false accusation
is, among human beings,
the best.
वरमस्सतरा दन्ता, आजानीया च [आजानीयाव (स्या॰)] सिन्धवा।
कुञ्जरा च [कुञ्जराव (स्या॰)] महानागा, अत्तदन्तो ततो वरं॥
नियंत्रित किये गये/ सिखाये गये खच्चर, सिन्ध के घोड़े और महानाग हाथी श्रेष्ठ होते हैं। उनसे भी श्रेष्ठ वे हैं जो अपने आपको नियंत्रित करते हैं।
Excellent are tamed mules,
tamed thoroughbreds,
tamed horses from Sindh.
Excellent, tamed tuskers,
great elephants.
But even more excellent
are those self-tamed.
न हि एतेहि यानेहि, गच्छेय्य अगतं दिसं।
यथात्तना सुदन्तेन, दन्तो दन्तेन गच्छति॥
इन यानों ( खच्चरों, घोड़ों, हाथियों) से कोई अगत (अप्राप्त) दिशा (निर्वाण) की ओर नहीं जा सकता, जैसे अपने आपको अच्छी तरह नियंत्रित करने वाला मनुष्य अपने ही सहारे (निर्वाण की ओर) जाता है।
For not by these mounts could you go
to the land unreached,
as the tamed one goes
by taming, well-taming, himself.
धनपालो [धनपालको (सी॰ स्या॰ कं॰ पी॰)] नाम कुञ्जरो, कटुकभेदनो [कटुकप्पभेदनो (सी॰ स्या॰ पी॰)] दुन्निवारयो।
बद्धो कबळं न भुञ्जति, सुमरति [सुसरति (क॰)] नागवनस्स कुञ्जरो॥
धनपालक नामक हाथी, काम ताप से पीड़ित है और उस पर नियंत्रण पाना कठिन है। वह आज बन्धन में पड़कर भोजन नहीं करता, अपने नाग-वन को याद करता है।
The tusker, Dhanapalaka,
deep in rut, is hard to control.
Bound, he won't eat a morsel:
the tusker misses
the elephant wood.
मिद्धी यदा होति महग्घसो च, निद्दायिता सम्परिवत्तसायी।
महावराहोव निवापपुट्ठो, पुनप्पुनं गब्भमुपेति मन्दो॥
जो आलसी है, पेटू है, करवट बदल बदल कर सोता रहता है, ढेर सारा अन्न खाकर मोटे हो चुके सूअर की तरह वह, मन्दबुद्धि, बार-बार जन्म लेता है।
When torpid & over-fed,
a sleepy-head lolling about
like a stout hog, fattened on fodder:
a dullard enters the womb
over &
over again.
इदं पुरे चित्तमचारि चारिकं, येनिच्छकं यत्थकामं यथासुखं।
तदज्जहं निग्गहेस्सामि योनिसो, हत्थिप्पभिन्नं विय अङ्कुसग्गहो॥
पहले यह मन अपनी मर्ज़ी से, अपनी कामनाओं के अनुसार, जहाँ भी सुख मिलता था, विचरता था। अब मैं, जैसे मतवाले हाथी को अंकुश लेकर वश में किया जाता है, वैसे ही अपने मन को नियंत्रित करूँगा ।
Before, this mind went wandering
however it pleased,
wherever it wanted,
by whatever way that it liked.
Today I will hold it aptly in check —
as one wielding a goad, an elephant in rut.
अप्पमादरता होथ, सचित्तमनुरक्खथ।
दुग्गा उद्धरथत्तानं, पङ्के सन्नोव [सत्तोव (सी॰ पी॰)] कुञ्जरो॥
अप्रमाद में लगे रहो, अपने चित्त की रक्षा करो, पंक में फँसे हाथी की तरह राग आदि से अपने को ऊपर उठाओ।
Delight in heedfulness.
Watch over your own mind.
Lift yourself up
from the hard-going way,
like a tusker sunk in the mud.
सचे लभेथ निपकं सहायं, सद्धिं चरं साधुविहारिधीरं।
अभिभुय्य सब्बानि परिस्सयानि, चरेय्य तेनत्तमनो सतीमा॥
यदि कोई परिपक्व मित्र मिल जाये, जो साथ-साथ चलने को तैयार हो, जो सन्मार्ग पर चलता हो, जो धीर (बुद्धिमान) हो,तो सभी बाधाओं को दूर कर उसके साथ सचेत प्रसन्नचित होकर विहार करो।
If you gain a mature companion —
a fellow traveler, right-living, enlightened —
overcoming all dangers
go with him, gratified,
mindful.
नो चे लभेथ निपकं सहायं, सद्धिं चरं साधुविहारिधीरं।
राजाव रट्ठं विजितं पहाय, एको चरे मातङ्गरञ्ञेव नागो॥
यदि कोई परिपक्व बुद्धि वाला, सन्मार्ग पर चलने वाला, धीर सहचर न मिले, तो जैसे राज्य हारने के बाद राजा अरण्य में गजराज की तरह अकेला विचरण करता है, वैसे ही अकेले विचरण करो।
If you don't gain a mature companion —
a fellow traveler, right-living, enlightened —
go alone
like a king renouncing his kingdom,
like the elephant in the Matanga wilds,
his herd.
एकस्स चरितं सेय्यो, नत्थि बाले सहायता।
एको चरे न च पापानि कयिरा, अप्पोस्सुक्को मातङ्गरञ्ञेव नागो॥
अकेले विचरण करना श्रेयस्कर (उत्तम) है, मूर्ख का साथ ठीक नहीं। पाप न करते हुए, अल्प उत्सुक रहकर ( बेकार की जिज्ञासा छोड़कर ) गजराज की तरह वन में अकेला विचरण करो।
Going alone is better,
there's no companionship with a fool.
Go alone,
doing no evil, at peace,
like the elephant in the Matanga wilds.
अत्थम्हि जातम्हि सुखा सहाया, तुट्ठी सुखा या इतरीतरेन।
पुञ्ञं सुखं जीवितसङ्खयम्हि, सब्बस्स दुक्खस्स सुखं पहानं॥
आवश्यकता पड़ने पर मित्रों का साथ सुख है, जो है उससे संतोष सुख है, जीवन के क्षय होने पर (संचित) पुण्य सुख है, सभी दुखों को त्यागना सुख है।
A blessing: friends when the need arises.
A blessing: contentment with whatever there is.
Merit at the ending of life is a blessing.
A blessing: the abandoning of all suffering
& stress.
सुखा मत्तेय्यता लोके, अथो पेत्तेय्यता सुखा।
सुखा सामञ्ञता लोके, अथो ब्रह्मञ्ञता सुखा॥
इस लोक में माता की सेवा सुख है, पिता की सेवा भी सुख है, श्रमण होना सुख है और ब्राह्मण होना भी सुख है।
A blessing in the world: reverence to your mother.
A blessing: reverence to your father as well.
A blessing in the world: reverence to a contemplative.
A blessing: reverence for a brahman, too.
सुखं याव जरा सीलं, सुखा सद्धा पतिट्ठिता।
सुखो पञ्ञाय पटिलाभो, पापानं अकरणं सुखं॥
बुढ़ापे तक शील (सदाचार) का पालन सुख है, श्रद्धा में स्थिरता (दृढ़ता) सुख है, प्रज्ञा का लाभ सुख है, पाप न करना सुख है।
A blessing into old age is virtue.
A blessing: conviction established.
A blessing: discernment attained.
The non-doing of evil things is
a blessing.
नागवग्गो तेवीसतिमो निट्ठितो।
"Nagavagga: Elephants" (Dhp XXIII), translated from the Pali by Thanissaro Bhikkhu. Access to Insight (BCBS Edition), 30 November 2013, http://www.accesstoinsight.org/tipitaka/kn/dhp/dhp.23.than.html .
हिन्दी अनुवाद: राजीव
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