सब्बगन्थप्पहीनस्स, परिळाहो न विज्जति॥
जिसने अपनी यात्रा पूरी कर ली है, जो शोक रहित है, जो सब तरह से मुक्त हो गया है, जिसने सभी बन्धनों का त्याग किया है- उसके भीतर कोई दाह (ताप,दुख,चिन्ता, बेचैनी) नहीं रहता।
In one who
has gone the full distance,
is free from sorrow,
is fully released
in all respects,
has abandoned all bonds:
no fever is found.जिसने अपनी यात्रा पूरी कर ली है, जो शोक रहित है, जो सब तरह से मुक्त हो गया है, जिसने सभी बन्धनों का त्याग किया है- उसके भीतर कोई दाह (ताप,दुख,चिन्ता, बेचैनी) नहीं रहता।
हंसाव पल्ललं हित्वा, ओकमोकं जहन्ति ते॥
वे हमेशा सजग रहते हैं और अपना घर छोड़ देते हैं, उन्हें घर अच्छा नहीं लगता। जैसे हंस झील छोड़कर उड़ जाते हैं वैसे ही वे हर प्रकार का आश्रय त्याग देते हैं।
The mindful keep active,
don't delight in settling back.
They renounce every home,
every home,
like swans taking off from a lake.वे हमेशा सजग रहते हैं और अपना घर छोड़ देते हैं, उन्हें घर अच्छा नहीं लगता। जैसे हंस झील छोड़कर उड़ जाते हैं वैसे ही वे हर प्रकार का आश्रय त्याग देते हैं।
सुञ्ञतो अनिमित्तो च, विमोक्खो येसं गोचरो।
आकासे व सकुन्तानं [सकुणानं (क॰)], गति तेसं दुरन्नया॥
जो संचय नहीं करते, जो भोजन के संबंध में समझदार हैं, जो शून्यता और अनिमित्त (लक्षणहीन) मुक्ति का स्वाद लेते हैं, आकाश में पक्षी के मार्ग की तरह उनका मार्ग नहीं दिखता।
Not hoarding,
having comprehended food,
their pasture — emptiness
& freedom without sign:
their trail,
like that of birds through space,
can't be traced.जो संचय नहीं करते, जो भोजन के संबंध में समझदार हैं, जो शून्यता और अनिमित्त (लक्षणहीन) मुक्ति का स्वाद लेते हैं, आकाश में पक्षी के मार्ग की तरह उनका मार्ग नहीं दिखता।
सुञ्ञतो अनिमित्तो च, विमोक्खो यस्स गोचरो।
आकासे व सकुन्तानं, पदं तस्स दुरन्नयं॥
जिनके आश्रव (विकार) क्षीण हो गये हैं, आहार के संबंध में जिनमें कोई लालसा नहीं है, जो शून्यता और अनिमित्त (लक्षणहीन) मुक्ति का स्वाद लेते हैं, आकाश में पक्षी के मार्ग की तरह उनका मार्ग नहीं दिखता।
Effluents ended,
independent of nutriment,
their pasture — emptiness
& freedom without sign:
their trail,
like that of birds through space,
can't be traced.
यस्सिन्द्रियानि समथङ्गतानि [समथं गतानि (सी॰ पी॰)], अस्सा यथा सारथिना सुदन्ता।
पहीनमानस्स अनासवस्स, देवापि तस्स पिहयन्ति तादिनो॥
सारथि द्वारा सुप्रशिक्षित अश्व की तरह जिसकी इन्द्रियाँ शान्त हो गयी हैं, जिसने मान त्याग दिया है, जो विकाररहित है, ऐसे व्यक्ति से देवता भी ईर्ष्या करते हैं।
He whose senses are steadied
like stallions
well-trained by the charioteer,
his conceit abandoned,
free of effluent,
Such:
even devas adore him.सारथि द्वारा सुप्रशिक्षित अश्व की तरह जिसकी इन्द्रियाँ शान्त हो गयी हैं, जिसने मान त्याग दिया है, जो विकाररहित है, ऐसे व्यक्ति से देवता भी ईर्ष्या करते हैं।
पथविसमो नो विरुज्झति, इन्दखिलुपमो [इन्दखीलूपमो (सी॰ स्या॰ क॰)] तादि सुब्बतो।
रहदोव अपेतकद्दमो, संसारा न भवन्ति तादिनो॥
वह पृथ्वी के समान किसी का विरोध नहीं करता, ऊँचे स्तम्भ की तरह जो दृढ़ है, गहरे झील की तरह कर्दमरहित है- ऐसे व्यक्ति के लिए संसार का उद्भव नहीं होता।
Like the earth, he doesn't react —
cultured,
Such,
like Indra's pillar,
like a lake free of mud.
For him
— Such —
there's no traveling on.
वह पृथ्वी के समान किसी का विरोध नहीं करता, ऊँचे स्तम्भ की तरह जो दृढ़ है, गहरे झील की तरह कर्दमरहित है- ऐसे व्यक्ति के लिए संसार का उद्भव नहीं होता।
सम्मदञ्ञा विमुत्तस्स, उपसन्तस्स तादिनो॥
उनका मन शान्त होता है, वचन और कर्म शान्त होता है, सम्यक ज्ञान के कारण जो विमुक्त हैं- ऐसे व्यक्ति पूरी तरह शान्त हैं।
Calm is his mind,
calm his speech
& his deed:
one who's released through right knowing,
pacified,
Such.उनका मन शान्त होता है, वचन और कर्म शान्त होता है, सम्यक ज्ञान के कारण जो विमुक्त हैं- ऐसे व्यक्ति पूरी तरह शान्त हैं।
अस्सद्धो अकतञ्ञू च, सन्धिच्छेदो च यो नरो।
हतावकासो वन्तासो, स वे उत्तमपोरिसो॥
जो नर श्रद्धाहीन (अंध श्रद्धा नहीं रखता) है, अकृतज्ञ (जो अकृत अर्थात् निर्वाण को जानता है) है, सेंधमार (संबंधों का त्याग करने वाला ) है, जिसने (पुनर्जन्म का) अवसर नष्ट कर दिया है, जिसने वमन ( सारी इच्छाओं को त्याग दिया) किया है- वही उत्तम पुरुष है।
The man
faithless / beyond conviction
ungrateful / knowing the Unmade
a burglar / who has severed connections
who's destroyed
his chances / conditions
who eats vomit: / has disgorged expectations:
the ultimate person.जो नर श्रद्धाहीन (अंध श्रद्धा नहीं रखता) है, अकृतज्ञ (जो अकृत अर्थात् निर्वाण को जानता है) है, सेंधमार (संबंधों का त्याग करने वाला ) है, जिसने (पुनर्जन्म का) अवसर नष्ट कर दिया है, जिसने वमन ( सारी इच्छाओं को त्याग दिया) किया है- वही उत्तम पुरुष है।
गामे वा यदि वारञ्ञे, निन्ने वा यदि वा थले।
यत्थ अरहन्तो विहरन्ति, तं भूमिरामणेय्यकं॥
गाँव में हो या अरण्य में. घाटी में हो या मैदान में- जहाँ भी अरहन्त विहार करते हैं वह भूमि रमणीक है।
in village or wilds,
valley, plateau:
that place is delightful
where arahants dwell.गाँव में हो या अरण्य में. घाटी में हो या मैदान में- जहाँ भी अरहन्त विहार करते हैं वह भूमि रमणीक है।
वीतरागा रमिस्सन्ति, न ते कामगवेसिनो॥
जिन रमणीय वनों में साधरण जन आकर्षित नहीं होते वीतरागी उन वनों में ही रमण करते हैं, वे कामसुख की खोज में नहीं रहते।
Delightful wilds
where the crowds don't delight,
those free from passion
delight,
for they're not searching
for sensual pleasures.जिन रमणीय वनों में साधरण जन आकर्षित नहीं होते वीतरागी उन वनों में ही रमण करते हैं, वे कामसुख की खोज में नहीं रहते।
अरहन्तवग्गो सत्तमो निट्ठितो।
English translation from the Pali by Thanissaro Bhikkhu. Access to Insight, 29 April 2012,http://www.accesstoinsight.org/tipitaka/kn/dhp/dhp.07.than.html . Retrieved on 17 February 2013.
हिन्दी अनुवाद: राजीव
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