एकं अत्थपदं सेय्यो, यं सुत्वा उपसम्मति॥
हजारों निरर्थक शब्दों से भरे हुए वचन की तुलना में वह एक सार्थक शब्द श्रेष्ठ है, जिसे सुनकर मनुष्य को शांति मिलती है।
हजारों निरर्थक शब्दों से भरे हुए वचन की तुलना में वह एक सार्थक शब्द श्रेष्ठ है, जिसे सुनकर मनुष्य को शांति मिलती है।
Better
than if there were thousands
of meaningless words is
one
meaningful
word
that on hearing
brings peace.
सहस्समपि चे गाथा, अनत्थपदसंहिता।
एकं गाथापदं सेय्यो, यं सुत्वा उपसम्मति॥
हजारों निरर्थक पदों से बनी हुई गाथा की तुलना में गाथा का एक पद भी श्रेष्ठ है यदि उसे सुनकर शान्ति मिलती है।
हजारों निरर्थक पदों से बनी हुई गाथा की तुलना में गाथा का एक पद भी श्रेष्ठ है यदि उसे सुनकर शान्ति मिलती है।
Better
than if there were thousands
of meaningless verses is
one
meaningful
verse
that on hearing
brings peace.
यो च गाथा सतं भासे, अनत्थपदसंहिता [अनत्थपदसञ्हितं (क॰) विसेसनं हेतं गाथातिपदस्स]।
एकं धम्मपदं सेय्यो, यं सुत्वा उपसम्मति॥
निरर्थक पदों से बनी सैकड़ों गाथाओं का वाचन करने से श्रेयस्कर है एक धम्मपद का वाचन करना जिसे सुनकर शांति मिलती है।
निरर्थक पदों से बनी सैकड़ों गाथाओं का वाचन करने से श्रेयस्कर है एक धम्मपद का वाचन करना जिसे सुनकर शांति मिलती है।
And better than chanting hundreds
of meaningless verses is
one
Dhamma-saying
that on hearing
brings peace.
यो सहस्सं सहस्सेन, सङ्गामे मानुसे जिने।
एकञ्च जेय्यमत्तानं [अत्तानं (सी॰ पी॰)], स वे सङ्गामजुत्तमो॥
जो संग्राम में हजारों-हजार मनुष्यों पर विजय पाते हैं, उनसे श्रेष्ठ योद्धा है वह मनुष्य जिसने केवल एक -अपने आप पर विजय पायी है।
जो संग्राम में हजारों-हजार मनुष्यों पर विजय पाते हैं, उनसे श्रेष्ठ योद्धा है वह मनुष्य जिसने केवल एक -अपने आप पर विजय पायी है।
Greater in battle
than the man who would conquer
a thousand-thousand men,
is he who would conquer
just one —
himself.
अत्तदन्तस्स पोसस्स, निच्चं सञ्ञतचारिनो॥
नेव देवो न गन्धब्बो, न मारो सह ब्रह्मुना।
जितं अपजितं कयिरा, तथारूपस्स जन्तुनो॥
दूसरों की अपेक्षा अपने आप पर विजय पाना श्रेयस्कर है। अपने को अंकुश में रखनेवाले, सदा संयमित जीवन जीने वाले पुरुष की जीत को न तो देवता, न गन्धर्व, न मार, न ब्रह्मा पराजय में बदल सकता है।
दूसरों की अपेक्षा अपने आप पर विजय पाना श्रेयस्कर है। अपने को अंकुश में रखनेवाले, सदा संयमित जीवन जीने वाले पुरुष की जीत को न तो देवता, न गन्धर्व, न मार, न ब्रह्मा पराजय में बदल सकता है।
Better to conquer yourself
than others.
When you've trained yourself,
living in constant self-control,
neither a deva nor gandhabba,
nor a Mara banded with Brahmas,
could turn that triumph
back into defeat.
एकञ्च भावितत्तानं, मुहुत्तमपि पूजये।
सायेव पूजना सेय्यो, यञ्चे वस्ससतं हुतं॥
महीनों हजारों खर्च कर जो सेकड़ों यज्ञ करता है, वह यदि एक भावितात्मा ( जिसने भावना /चिन्तन द्वारा आत्म विकास किया है) की एक मुहूर्त भर भी पूजा करता है, तो वह पूजा सौ वर्षों की आहुति से श्रेष्ठ है।
महीनों हजारों खर्च कर जो सेकड़ों यज्ञ करता है, वह यदि एक भावितात्मा ( जिसने भावना /चिन्तन द्वारा आत्म विकास किया है) की एक मुहूर्त भर भी पूजा करता है, तो वह पूजा सौ वर्षों की आहुति से श्रेष्ठ है।
You could, month by month,
at a cost of thousands,
conduct sacrifices
a hundred times,
or
pay a single moment's homage
to one person,
self-cultivated.
Better than a hundred years of sacrifices
would that act of homage be.
यो च वस्ससतं जन्तु, अग्गिं परिचरे वने।
एकञ्च भावितत्तानं, मुहुत्तमपि पूजये।
सायेव पूजना सेय्यो, यञ्चे वस्ससतं हुतं॥
सैकड़ों वर्ष वन में रहकर अग्नि की परिचर्या करने के बजाय यदि कोई भावितात्मा ( जिसने भावना /चिन्तन द्वारा आत्म विकास किया है) की एक मुहूर्त भर भी पूजा करता है, तो वह पूजा सौ वर्षों की आहुति से श्रेष्ठ है।
You could, for a hundred years,
live in a forest
tending a fire,
or
pay a single moment's homage
to one person,
self-cultivated.
Better than a hundred years of sacrifices
would that act of homage be.
सब्बम्पि तं न चतुभागमेति, अभिवादना उज्जुगतेसु सेय्यो॥
इस संसार में पुण्य की अभिलाषा में पूरे साल चाहे कितना भी दान या आहूति दी जाए, उससे मिलने वाला पुण्य सीधी राह जाने वाले (ऋजुगत) महापुरुषों का अभिवादन करने से मिलनेवाले पुण्य का चतुर्थांश भी नहीं होगा।
इस संसार में पुण्य की अभिलाषा में पूरे साल चाहे कितना भी दान या आहूति दी जाए, उससे मिलने वाला पुण्य सीधी राह जाने वाले (ऋजुगत) महापुरुषों का अभिवादन करने से मिलनेवाले पुण्य का चतुर्थांश भी नहीं होगा।
Everything offered
or sacrificed in the world
for an entire year by one seeking merit
doesn't come to a fourth.
Better to pay respect
to those who've gone
the straight way.
अभिवादनसीलिस्स, निच्चं वुड्ढापचायिनो [वद्धापचायिनो (सी॰ पी॰)]।
चत्तारो धम्मा वड्ढन्ति, आयु वण्णो सुखं बलं॥
जो अभिवादनशील हैं, जो नित्य बुजुर्गों को आदर देते हैं, उनकी चार चीजें बढ़ती हैं- आयु, वर्ण,सुख और बल।
जो अभिवादनशील हैं, जो नित्य बुजुर्गों को आदर देते हैं, उनकी चार चीजें बढ़ती हैं- आयु, वर्ण,सुख और बल।
if you're respectful by habit,
constantly honoring the worthy,
four things increase:
long life, beauty,
happiness, strength.
यो च वस्ससतं जीवे, दुस्सीलो असमाहितो।
एकाहं जीवितं सेय्यो, सीलवन्तस्स झायिनो॥
दुश्शील रहकर असमाहित रहकर सौ वर्ष जीने की अपेक्षा शीलवान होकर ध्यान करते हुए एक दिन भी जीना श्रेयस्कर है।
दुश्शील रहकर असमाहित रहकर सौ वर्ष जीने की अपेक्षा शीलवान होकर ध्यान करते हुए एक दिन भी जीना श्रेयस्कर है।
Better than a hundred years
lived without virtue, uncentered, is
one day
lived by a virtuous person
absorbed in jhana.
यो च वस्ससतं जीवे, दुप्पञ्ञो असमाहितो।
एकाहं जीवितं सेय्यो, पञ्ञवन्तस्स झायिनो॥
प्रज्ञाहीन व असमाहित रहकर सौ वर्ष जीने की अपेक्षा प्रज्ञावन्त होकर ध्यान करते हुए एक दिन भी जीना श्रेयस्कर है।
प्रज्ञाहीन व असमाहित रहकर सौ वर्ष जीने की अपेक्षा प्रज्ञावन्त होकर ध्यान करते हुए एक दिन भी जीना श्रेयस्कर है।
And better than a hundred years
lived undiscerning, uncentered, is
one day
lived by a discerning person
absorbed in jhana.
एकाहं जीवितं सेय्यो, वीरियमारभतो दळ्हं॥
निष्क्रिय और अनुत्साही रहकर सौ वर्ष जीने की अपेक्षा उत्साह और दृढ़ता के साथ एक दिन भी जीना श्रेयस्कर है।
निष्क्रिय और अनुत्साही रहकर सौ वर्ष जीने की अपेक्षा उत्साह और दृढ़ता के साथ एक दिन भी जीना श्रेयस्कर है।
And better than a hundred years
lived apathetic & unenergetic, is
one day
lived energetic & firm.
एकाहं जीवितं सेय्यो, पस्सतो उदयब्बयं॥
चीजों के उदय और अस्त को देखे बिना सौ साल जीने की अपेक्षा उदय और अस्त को देखते हुए एक दिन जीना श्रेयस्कर है।
चीजों के उदय और अस्त को देखे बिना सौ साल जीने की अपेक्षा उदय और अस्त को देखते हुए एक दिन जीना श्रेयस्कर है।
And better than a hundred years
lived without seeing
arising & passing away, is
one day
lived seeing
arising & passing away.
एकाहं जीवितं सेय्यो, पस्सतो अमतं पदं॥
अमरत्व की स्थिति को देखे बिना सौ साल जीने की अपेक्षा अमरत्व की स्थिति को देखते हुए एक दिन जीना श्रेयस्कर है।
अमरत्व की स्थिति को देखे बिना सौ साल जीने की अपेक्षा अमरत्व की स्थिति को देखते हुए एक दिन जीना श्रेयस्कर है।
And better than a hundred years
lived without seeing
the Deathless state, is
one day
lived seeing
the Deathless state.
यो च वस्ससतं जीवे, अपस्सं धम्ममुत्तमं।
एकाहं जीवितं सेय्यो, पस्सतो धम्ममुत्तमं॥
श्रेष्ठ धर्म को देखे बिना सौ साल जीने की अपेक्षा श्रेष्ठ धर्म को देखते हुए एक दिन जीना श्रेयस्कर है।
श्रेष्ठ धर्म को देखे बिना सौ साल जीने की अपेक्षा श्रेष्ठ धर्म को देखते हुए एक दिन जीना श्रेयस्कर है।
And better than a hundred years
lived without seeing
the ultimate Dhamma, is
one day
lived seeing
the ultimate Dhamma.
सहस्सवग्गो अट्ठमो निट्ठितो।
translated from the Pali by Thanissaro Bhikkhu. Access to Insight, 29 April 2012,http://www.accesstoinsight.org/tipitaka/kn/dhp/dhp.08.than.html . Retrieved on 18 February 2013.
हिन्दी अनुवाद : राजीव